राज्य मेें नये स्कूल

  • राज्य में वर्ष 2005-06 और वर्ष 2014-15 के बीच दस वर्ष में तीन हजार 397 नये प्राथमिक तथा पांच हजार 893 नये पूर्व माध्यमिक (मिडिल) स्कूल, एक हजार 378 नये हाई स्कूल तथा दो हजार 276 नये हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले गए।
  • इन्हें मिलाकर राज्य मेें अब 36 हजार 992 प्राथमिक शालाएं, 16 हजार 692 माध्यमिक शालाएं, दो हजार 609 हाईस्कूल तथा तीन हजार 715 हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित।
  • इनके माध्यम से प्रदेश के लगभग 61 लाख छात्र-छात्राओं को गुणवत्तामूलक शिक्षा देने का कार्य।

प्राथमिक शिक्षा के लोकव्यापीकरण

प्राथमिक शिक्षा के लोकव्यापीकरण के अन्तर्गत दर्ज संख्या वृद्धि अभियान के फलस्वरूप राज्य के छह से चौदह वर्ष आयु वर्ग के 85 हजार 348 शाला अप्रवेशी बच्चों का चिन्हांकन कर शाला में प्रवेश दिलाया गया, जिसमें 55 हजार 906 शाला त्यागी बच्चों को भी शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ने की हुई सार्थक पहल।

मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम

  • ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का संचालन शत-प्रतिशत महिला स्व-सहायता समूहों के हाथों में।
  • प्रदेश के सभी स्कूली विद्यार्थियों हेतु गणवेश की सिलाई एवं प्रदाय का कार्य भी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया।

पौष्टिक भोजन

  • मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों, अनुदान प्राप्त तथा स्थानीय निकायों और बाल श्रमिक विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पका हुआ गर्म पौष्टिक भोजन।
  • योजना से वर्ष 2014-15 में प्रदेश के 33 हजार 804 प्राथमिक तथा 14 हजार 75 माध्यमिक स्कूलों के 35 लाख 42 हजार 832 बच्चे लाभान्वित।

गणवेश प्रदान

राज्य सरकार द्वारा गणवेश के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 में 42 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान कर प्रदेश के कक्षा आठवीं तक के सभी वर्गों के छात्रों को गणवेश प्रदान करने का निर्णय।

निःशुल्क पाठ्यपुस्तक

  • प्रदेश में कक्षा पहली से दसवीं तक अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण करायी जा रही है।
  • इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 में 78 करोड़ 60 लाख रूपए का प्रावधान।
  • इससे प्रदेश के लगभग 58 लाख स्कूली बच्चे होंगे लाभान्वित।

सरस्वती सायकल योजना

  • प्रदेश में सरस्वती सायकल योजना से बालिका शिक्षा को मिला बढ़ावा। इस योजना के पूर्व हाई स्कूलों में बालको की तुलना में बालिकाओं का प्रतिशत 65 था, जो अब बढ़कर 93 प्रतिशत हो गया।
  • राज्य में चिन्हांकित 86 हजार 37 निःशक्त बच्चों को शालाओं में प्रवेश दिलाया गया।
  • एक हजार 678 गंभीर रूप से निःशक्त बच्चों को गृह आधारित शिक्षा और कटे-फटे होंठ व तालु से ग्रसित तथा गंभीर शल्य चिकित्सा वाले 527 बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज।

शिक्षकों को प्रशिक्षण

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 84 हजार 415 शिक्षक प्रशिक्षित।
  • राज्य में 45 हजार 223 अप्रशिक्षित शिक्षक थे, जिनमें से 40 हजार 95 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का कार्य पूर्ण तथा शेष पांच हजार 128 शिक्षकों को चालू सत्र में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य।

रोजगार के अवसर

रोजगार के अवसरों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में वाणिज्य तथा अन्य पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ।

मातृभाषा में शिक्षा

मातृभाषा में शिक्षा के लिए गोंडी, हल्बी, सरगुजिया, कुड़ूक तथा बैगा भाषाओं में कक्षा पहली और दूसरी की पुस्तक तैयार कर कराया जा रहा क्षेत्र परीक्षण।

कैरियर गाइडेंस

  • प्रदेश में छत्तीसगढ़ एडुसेट नेटवर्क के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य में 262 एन.आई.टी. केन्द्र कार्यरत।
  • इस तरह प्रदेश के सभी 146 विकासखण्ड एस.सी.ई. आर.टी. से जुड़े, जिसके माध्यम से कैरियर गाइडेंस, पी.एम.टीतथा पी.ई.टी. कोचिंग की व्यवस्था।

सर्वशिक्षा अभियान

सर्वशिक्षा अभियान में दो हजार 279 विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 100 हायर सेकेण्डरी स्कूलों के भवन का निर्माण।

साक्षर भारत कार्यक्रम

  • प्रदेश के 23 जिलों में 15 तथा उससे अधिक उम्र समूह के 18 लाख 85 हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने साक्षर भारत कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन।
  • वर्तमान में नौ लाख सात हजार 656 असाक्षर हुए साक्षर।

बाल शिक्षा का अधिकार

निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत वर्ष 2014-15 में 44 हजार 120 बच्चों को प्रदेश के निजी शालाओं में नर्सरी और पहली कक्षा में दिलाया गया प्रवेश।

शैक्षणिक गतिविधियों तथा शिक्षा की गुणवत्ता मंे सुधार की दृष्टि से लागू विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में एकरूपता तथा बेहतर समन्वय स्थापित करने के उददेश्य से शिक्षा सत्र 2015-16 से सभी स्कूलों का प्रशासनिक तथा वित्तीय नियंत्रण स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन।