1. वर्ष 1998 में बस्तर जिले के बस्तर जनपद पंचायत में जनपद सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए एवं वर्ष 1998-2003 तक जनपद सदस्य रहे ।
  2. वर्ष 2003 में प्रथम बार भानपुरी विधान सभा क्षेत्र क्रं. 65 से छत्तीसगढ़ विधानसभा हेतु विधायक निर्वाचित हुए ।
  3. वर्ष 2003 में ही छत्तीसगढ़ की पहली निर्वाचित सरकार में राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग विभाग बने ।
  4. वर्ष 2008 नारायणपुर विधानसभा से विधायक चुने गए एवं छ.ग. शासन में आदिम जाति तथा अनु.जा. विकास एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री है ।
  5. वर्ष 2013 नारायणपुर विधानसभा से विधायक चुने गए एवं छ.ग. शासन में आदिम जाति तथा अनु.जा. विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री है ।

विशेष उपलब्धि
  1. वर्ष 2004-09 तक प्रभार मंत्री दक्षिण बस्तर जिला दन्तेवाड़ा के रूप में सलवा-जुडुम आंदोलन में अति संवेदन-शील नक्सल प्रभावित क्षेत्रो मेें पदयात्रा कर जन-जागरण अभियान के माध्यम से स्थानीय आदिवासी समुदाय का सफलता पूर्वक नेतृत्व ।
  2. वर्ष 2009 से बस्तर जिला एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री हेै ।
  3. दिसम्बर 2010 से दंतेवाड़ा एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री ।
  4. फरवरी 2014 से दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री ।
  5. वर्तमान में राज्य अन्तर्गतं स्कूली शिक्षा स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग एवं नगरीय विकास विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण में है जिसके कारण प्रशासकीय निर्णयों में यदा-कदा भिन्नताएं दर्शित होती थी संपूर्ण राज्य में स्कूली शिक्षा का कार्य स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा ही सम्पादित किये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय का क्रियान्वयन प्रक्रियागत है।
  6. अभी तक शिक्षकों की पदस्थापनाएं समस्त विद्यालयों स्वीकृत सेटअप के अनुरूप की जाती रहीं है जिसमें विद्यार्थियों की दर्ज संख्या को ध्यान में नहीं रखा जाता था। अब शिक्षक विद्यार्थी अनुपात को सर्वप्रमुखता से ध्यान में रखते हुए युक्तियुक्तकरण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
  7. इस वर्ष 2014-15 को शिक्षा गुणवत्ता वर्ष घोषित किया गया है। विद्यालयीन शिक्षा एवं शिक्षा सुधार कार्य किया जा रहा है।